VIDEO: डाइनामाइट न्यूज पहुंचा चीन सीमा पर स्थित भारत के अंतिम गांव नीती, दिखा भारी आक्रोश, सेना के संग ग्रामीण

डीएन ब्यूरो

चीन के साथ कुछ दिनों से चल रही तनातनी के बीच डाइनामाइट न्यूज की टीम चीन सीमा पर स्थित देश के अंतिम गांव पहुंचा। जानिये, क्या है सीमा पर ताजा हालात..

सीमा सड़क
सीमा सड़क

देहरदून: भारत-चीन के बीच पिछले कुछ दिनों से पूर्वी लद्दाख की सीमा पर जारी तनातनी के बीच डाइनामाइट न्यूज टीम ने चीन से लगी उत्तराखंड की सीमा का दौरा किया और वहां के ताजा हाल जानने की कोशिश की। यहां स्थित देश की सीमा पर भी आजकल सैन्य गतिविधियां बढ़ गयी हैं और देश के जांबाज सैनिक अलर्ट रहकर देश की सीमा और हिमालय की चौकसी कर रहे हैं। 

उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित भारत-चीन सीमा नीती पास से लगा हुआ है। नीती गांव भारत चीन-सीमा पर भारत का अंतिम गांव भी है। इस गांव में रहने वाले लोगों को सेना की द्वितीय रक्षा पंक्ति भी कहा जाता है। डाइनामाइट न्यूज ने अपने दौरे के दौरान पाया कि इन दिनों यहां के गांव के लोगों में चीन के प्रति खासा आक्रोश है।

क्षेत्र में बढी सैन्य गतिविधियां

गत दिनों नीती गांव के लोगों ने लदाख में चीन द्वारा भारतीय सैनिकों पर हमले के बाद  यहां के ग्रामीणों ने चीन के विरोध में प्रदर्शन किया और चीन के खिलाफ नारेबाजी भी की। यहां के लोगों का साफ कहना है कि हम गांव के सभी लोग चीन द्वारा निर्मित सभी सामानों का बायकॉट करते हैं।

डाइनामाइट न्यूज से बातचीत में नीति गांव के ग्रामीणों ने बताया कि चीन ने हमारी सेना के साथ धोखा किया है और धोखे से ही हमारे सैनिकों पर आक्रमण किया। लिहाजा हम चाइना निर्मित कोई भी सामान नहीं खरीदेंगे और पूरी तरह से हम चाइना का विरोध करते रहेंगे।

यहां के ग्रामीणों का कहना है कि चीन भारत को कमजोर ना समझे। अगर युद्ध होता है तो चाइना को मुंह की खानी पड़ेगी। हम सभी ग्रामीण भी किसी भी तरह के युद्ध में देश और सेना का हर समय साथ देने को तैयार है।

वहीं चीन द्वारा लदाख में भारतीय सैनिकों पर किये गए हमले के बाद सेना ने चमोली स्थित भारत चीन सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी है। नीती गांव के लोगों की मानें तो पिछले तीन दिनों से नीती घाटी में सेना के वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। उन्होंने बताया कि नीती गांव के पास की चेकपोस्ट से भी अधिकांश जवानों को यहां से 25 किलोमीटर स्थित ग्यालडुंग पोस्ट पर भेजा गया है, जबकि सामान्यतः यहां पर 70 से 75 तक जवानों की संख्या रहती है। सीमा पर चल रहे तनाव के बीच यहां के ग्रामीणों का जोश हर तरह की भांति इस बार भी हाई है।
 

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