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नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड उद्योग के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) बीते साल यानी 2022 में 2.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ गईं। निश्चित निवेश वाली योजना एसआईपी के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ने की वजह से म्यूचुअल फंड उद्योग के एयूएम में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड उद्योग का एयूएम 2022 में 5.7 प्रतिशत या 2.2 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 39.88 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
हालांकि, यह 2021 में एयूएम में हुई 22 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में काफी कम है। 2021 में म्यूचुअल फंड उद्योग का एयूएम करीब सात लाख करोड़ रुपये बढ़कर 37.72 लाख करोड़ पर पहुंच गया था।
‘फायर्स’ के शोध प्रमुख गोपाल कवालीरेड्डी ने कहा, ‘‘उद्योग की वृद्धि 2022 में शेयर बाजार में अनिश्चितता और ब्याज दरों में बदलाव के परिदृश्य के कारण अपेक्षाकृत धीमी रही। इसी कारण निवेशक ने अपने निवेश का शेयरों, बॉन्ड और हाइब्रिड योजनाओं में नए सिरे से आवंटन किया।’’
मोतीलाल ओसवाल एएमसी के मुख्य कारोबार अधिकारी अखिल चतुर्वेदी ने कहा कि 2022 में परिसंपत्ति आधार में वृद्धि मुख्य रूप से एसआईपी की तेजी के कारण हुई, जिसने नवंबर में लगातार दूसरे महीने 13,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा छुआ। इसके अलावा एम्फी ने खुदरा निवेशकों में म्यूचुअल फंड से संबंधित जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कैलेंडर साल में एसआईपी में प्रवाह प्रतिमाह औसतन 12,500 करोड़ रुपये रहा।
Published : 10 January 2023, 5:14 PM IST
Topics : AUM Investment Mutual Fund SIP उद्योग एयूएम एसआईपी निवेश प्रबंधन म्यूचुअल फंड