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नई दिल्ली: वैसे शादी करना जिंदगी का खुबसूरत लम्हा होता है। डाइनामाइट न्यूज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि शादी करने वाले कपल्स की उम्र के बीच फासला होना जरूरी क्यों माना जाता है।
पुरूषों की अपेक्षा लड़कियां ज्यादा मैच्योर होती
वैज्ञानिक की माने तो लड़कियां उम्र से ज्यादा मैच्योर होती है। ऐसे में अगर लड़का-लड़की की शादी एक ही उम्र में कर दी जाए तो उनकी सोच कभी एक-दूसरे से नहीं मिलती है और बात बात पर लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। इसलिए एक दूसरे को समझने के लिए उम्र का फासला होना जरूरी माना जाता है।
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परिवार के लिए जिम्मेदार
अगर पति-पत्नी में उम्र का अंतर पांच साल या उससे ज्यादा होता है तो यह संबंध टिकाऊ होता है। क्योंकि पुरुष अपनी पत्नी के समान ही मानसिक परिपक्वता प्राप्त कर चुका होता है और संबंध के महत्व और गंभीरता को समझकर वह अपनी पत्नी और परिवार के लिए जिम्मेदार हो जाता है।
हार्मोंस में बदलाव
समय बीतने के साथ-साथ लड़कियों के हार्मोन में बदलाव आता है। अगर लड़कियां कम उम्र की होती है और लड़के अधिक उम्र के होते हैं तो ऐसे में लड़कियों के हामोर्स में बदलाव आने के कारण वो उम्र से पहले बुढ़े दिखने लगती हैं। पति से उम्र में बड़ी न लगे इसलिए लोग लड़की की उम्र से 5-6 साल बड़ा लड़का चुनते है।
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परिपक्वता भी एक बड़ा कारण है
ऐसा कहा जाता है कि लड़कियां अपनी उम्र और लड़कों से जल्दी परिपक्व हो जाती हैं। जिससे उनमें सोचने विचारने की क्षमता और समझदारी जल्दी आ जाती हैं। इसके विपरीत लड़कों में उनकी उम्र के बाद परिपक्वता आती हैं। जिससे यदि एक ऐसे जोड़े का विवाह हो जाए जिसमें लड़की उम्र में ज्यादा बड़ी हो और लड़के की उम्र कम हो, तो उनके विचारों में तो अंतर आता हैं. इसके साथ उनके दाम्पत्य जीवन पर भी आयु का प्रभाव पड़ता हैं।
Published : 17 July 2017, 4:01 PM IST
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