By Saumya Singh
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15 साल से सत्ता में रही TMC को इस बार बड़ा झटका लगा। चुनावी नतीजों ने बदलाव की साफ तस्वीर दिखाई।
राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में दिख रही है- यह बंगाल की राजनीति में बड़ा टर्निंग पॉइंट है।
लंबे शासन के बाद जनता में नाराजगी, स्थानीय मुद्दे और बदलाव की चाह ने TMC के खिलाफ माहौल बनाया।
राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक ढिलाई जैसे आरोप विपक्ष ने लगातार उठाए, जिसका असर वोटिंग पर पड़ा।
किसान आंदोलनों और जमीन से जुड़े संघर्षों ने ममता को जननेता बनाया- यही उनकी असली ताकत रही।
‘कन्याश्री’ और ‘स्वास्थ्य साथी’ जैसी योजनाओं ने सामाजिक स्तर पर असर डाला, लेकिन चुनाव में यह पर्याप्त नहीं रहा।