नींद टूटना... जानें कैसे सुधारें अपने स्लीप पैटर्न?

By Saumya Singh

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अगर रोज सुबह 3 बजे नींद खुल जाती है, तो यह मेंटल या फिजिकल स्ट्रेस का संकेत हो सकता है। लगातार जागने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

ज्यादा तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ा देता है, जिससे दिमाग सतर्क रहता है और गहरी नींद नहीं आती। बुरे सपने और चिंता चक्र को और मजबूत कर देते हैं।

कमर दर्द, गठिया, एसिड रिफ्लक्स या बार-बार यूरिन आना नींद टूटने के आम कारण हैं। सही गद्दा, तकिया और दर्द प्रबंधन मददगार साबित होते हैं।

बढ़ती उम्र में नींद हल्की होती है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोनल बदलाव और हॉट फ्लैश नींद में बाधा डाल सकते हैं।

रोज़ाना सोने-जागने का समय तय करें, स्क्रीन से दूरी बनाएं और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी अपनाएं। गहरी सांस और शांत वातावरण नींद सुधारने में मदद करता है।