By Saumya Singh
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गेम जीतने या लेवल पूरा करने पर दिमाग में डोपामिन हार्मोन रिलीज होता है। यह फील गुड हार्मोन खिलाड़ी को खुश और उत्साहित महसूस कराता है।
ज्यादा गेमिंग से दिमाग डोपामिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाता है। परिणामस्वरूप थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है।
एक्शन गेम्स के दौरान शरीर का फाइट या फ्लाइट रिस्पांस एक्टिव हो जाता है। इससे गुस्सा, बेचैनी और आक्रामक व्यवहार बढ़ सकता है।
तेज गेम्स में एड्रेनालिन रिलीज होता है, जिससे हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ते हैं।कोर्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन लंबे समय तक सक्रिय रहने पर नींद और मूड प्रभावित करता है।
सीमित और संतुलित गेमिंग से ध्यान, याददाश्त, समस्या सुलझाने की क्षमता और क्रिएटिविटी बढ़ सकती है। सही गेमिंग से सीखने और स्ट्रैटेजिक सोच में सुधार होता है।