By Saumya Singh
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आजकल स्क्रीन पर काम और गेमिंग के कारण आंखों में कई तरह की दिक्कतें होती हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल आपकी आंखों की रोशनी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
आंखों की हल्की लालिमा या जलन में खुद दवा लेना समस्या छुपा सकता है और इलाज में देरी कर सकता है।
एलर्जी, वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन, ड्राई आई या ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है।
एंटीबायोटिक ड्रॉप्स का बार-बार इस्तेमाल से असर कम हो सकता है और आंखों में इंफेक्शन और बढ़ सकता है।
ये अस्थायी आराम देते हैं, लेकिन ज्यादा इस्तेमाल आंखों की लालिमा और सूखापन बढ़ा सकता है।
तेज दर्द, धुंधली नजर, चोट या 2-3 दिन में सुधार न होने पर तुरंत आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें।