By Saumya Singh
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गरम चाय को पतले प्लास्टिक कप में डालने से हानिकारक रसायन पेय में घुल सकते हैं। रोज़ाना की यह आदत धीरे-धीरे सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है।
एनएमसीएच हॉस्पिटल पटना के डॉ. धर्मेन्द्र कुमार के मुताबिक ज्यादा तापमान पर फ्थैलेट्स और BPA घुल सकते हैं। ये तत्व शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करते हैं।
ये केमिकल एंडोक्राइन डिसरप्टर की तरह काम करते हैं। लंबे समय में डायबिटीज, मोटापा, बांझपन और थायरॉइड जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
स्टडी में गरम पेय में माइक्रोप्लास्टिक कण पाए गए हैं। आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने लंबे उपयोग से शरीर में प्लास्टिक जमा होने की आशंका जताई है।
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार नियम मौजूद हैं, लेकिन सस्ता प्लास्टिक अब भी इस्तेमाल हो रहा है। विशेषज्ञ कांच, स्टील, सिरेमिक या कुल्हड़ में चाय पीने की सलाह देते हैं।