India Water Week: राष्ट्रपति ने इंडिया वाटर वीक का उद्घाटन किया, सीएम योगी बोले- यूपी में 60 से अधिक नदियों को पुनर्जीवित किया

इंडिया वाटर वीक के उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि पानी के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। वर्तमान समय में पानी स्थिति पर नजर डालें तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक लगती है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 1 November 2022, 4:44 PM IST
google-preferred

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में इंडिया वाटर वीक का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने इंडिया वाटर वीक के इस 7वें संस्करण में डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, इजरायल और यूरोपीय संघ समेत अन्य देशों के भाग लेने पर खुशी जतायी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मंच पर विचारों और प्रौद्योगिकियों के आदान-प्रदान से सभी लाभान्वित होंगे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इस मौके पर यूपी सीएम योगी ने कहा कि उनके कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में 60 से अधिक नदियों को पुनर्जीवित किया गया।

इंडिया वाटर वीक 5 नवंबर तक चलेगा, जिसमें दुनियाभर के दो हजार से अधिक विशेषज्ञ जुटेंगे, जो जल संरक्षण, नदियों में कम होता पानी, गिरते भूजल स्तर आदि विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। 

इंडिया वाटर वीक के उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि पानी के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। भारतीय संस्कृति और सभ्यता में पानी केवल जीवन का अभिन्न हिस्सा ही नहीं बल्कि यह जीवन के बाद की यात्रा के लिये भी बेहद जरूरी। इसलिए भारत में सभी जल स्रोतों को पवित्र माना जाता है। लेकिन वर्तमान समय में पानी स्थिति पर नजर डालें तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक लगती है। बढ़ती आबादी के कारण हमारी नदियों और जलाशयों की हालत बिगड़ रही है, गांव के तालाब सूख रहे हैं और कई स्थानीय नदियां विलुप्त हो चुकी हैं। 

राष्ट्रपति ने कहा कि आगामी दशकों में भारत की आबादी के तेज गति से बढ़ने का अनुमान है। इसके लिए वाटर मैनेजमेंट और वॉटर गवर्नेंस सिस्टम की जरूरत होगी। इस सिस्टम से जल के समान वितरण और रीसाइक्लिंग जैसे कार्य प्रभावी रूप से हो सकेंगे। उन्होंने वाटर वीक के दौरान विचार-मंथन के परिणाम इस पृथ्वी और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने आम लोगों, किसानों, उद्योगपतियों और विशेषकर बच्चों से जल संरक्षण को अपनी नैतिकता का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अपनी-अपनी भागीदारी निभाकर हम आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित कल का तोहफा दे पाएंगे।

इस मौके पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारे कार्यकाल में 60 से ज्‍यादा छोटी-बड़ी नदियों को पुनर्जीवित किया गया है। कभी विलुप्त हो चुकी इन नदियों में आज जल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यूपी में पर्याप्‍त मात्रा में जल मौजूद है और हम इसके नियोजन पर लगातार ध्यान दे रहे हैं। 

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल प्रबंधन पर व्यापक काम चल रहा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत हम तेजी से काम कर रहे हैं। गांवों में अमृत सरोवर योजना चलाई जा रही है। यूपी में विगत कुछ वर्षों के अंदर जल प्रबंधन को लेकर व्यापक कार्य हुए हैं। वह वाकई बहुत महत्वपूर्ण हैं। मां गंगा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा भू-भाग को कवर करती हैं। सीएम योगी ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना गंगा की निर्मलता और अविरलता का आदर्श उदाहरण है।

Published : 
  • 1 November 2022, 4:44 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement
Advertisement