By Saumya Singh
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ब्रेन हैमरेज स्ट्रोक का गंभीर रूप है, जिसमें दिमाग की नस फटकर खून बहने लगता है। इससे दिमाग की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और जान को खतरा हो सकता है।
जब दिमाग की नस फटती है, खून आसपास के टिश्यू में फैल जाता है। खून और सूजन दिमाग पर दबाव डालते हैं, जिससे जरूरी ब्रेन फंक्शन प्रभावित होता है।
एपिड्यूरल, सबड्यूरल, सबअरेक्नॉइड, इंट्रासेरेब्रल और इंट्रावेंट्रिकुलर हैमरेज मुख्य प्रकार हैं। सिर की चोट, हाई ब्लड प्रेशर और एन्यूरिज़्म इसके प्रमुख कारण हैं।
अचानक तेज सिरदर्द, दौरे, नजर धुंधली होना या हाथ-पैर में कमजोरी सामान्य लक्षण हैं। CT स्कैन और MRI से हैमरेज की जगह और गंभीरता का पता चलता है।
हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल, हेल्दी डाइट और धूम्रपान से दूरी से ब्रेन हैमरेज का खतरा कम होता है। रिकवरी में फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और लाइफस्टाइल सुधार मददगार साबित होते हैं।