तनाव से चाहिए तुरंत मुक्ति? रोजाना करें ये प्राणायाम

By Saumya Singh 

Source: Google 

भ्रामरी प्राणायाम में मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट के साथ सांस छोड़कर मन को शांत किया जाता है। सिर्फ रिलैक्सेशन नहीं, यह मूड और ऊर्जा को भी सुधारता है।

भ्रामरी प्राणायाम में मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट के साथ सांस छोड़कर मन को शांत किया जाता है। सिर्फ रिलैक्सेशन नहीं, यह मूड और ऊर्जा को भी सुधारता है।

सांस से उत्पन्न कंपन शरीर में फैलते हैं और नर्वस सिस्टम के साथ इंटरैक्ट करते हैं। इससे मन स्थिर और अंदरूनी बेचैनी कम होती है।

भ्रामरी से हार्ट रेट स्थिर होता है और स्ट्रेस हार्मोन घटते हैं। पैरासिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होकर शरीर को “रेस्ट एंड डाइजेस्ट” मोड में ले जाता है।

शांत जगह पर बैठें, रीढ़ सीधी रखें और आंखें बंद करें। नाक से गहरी सांस लें और छोड़ते समय होंठ बंद कर मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट करें, 6–10 बार दोहराएं।

यह भी पढ़ें--- क्या सिर में भी चढ़ जाती है गैस, जानें घरेलू उपाय से कैसे पाएं राहत?