By Saumya Singh
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भ्रामरी प्राणायाम में मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट के साथ सांस छोड़कर मन को शांत किया जाता है। सिर्फ रिलैक्सेशन नहीं, यह मूड और ऊर्जा को भी सुधारता है।
भ्रामरी प्राणायाम में मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट के साथ सांस छोड़कर मन को शांत किया जाता है। सिर्फ रिलैक्सेशन नहीं, यह मूड और ऊर्जा को भी सुधारता है।
सांस से उत्पन्न कंपन शरीर में फैलते हैं और नर्वस सिस्टम के साथ इंटरैक्ट करते हैं। इससे मन स्थिर और अंदरूनी बेचैनी कम होती है।
भ्रामरी से हार्ट रेट स्थिर होता है और स्ट्रेस हार्मोन घटते हैं। पैरासिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होकर शरीर को “रेस्ट एंड डाइजेस्ट” मोड में ले जाता है।
शांत जगह पर बैठें, रीढ़ सीधी रखें और आंखें बंद करें। नाक से गहरी सांस लें और छोड़ते समय होंठ बंद कर मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट करें, 6–10 बार दोहराएं।
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