By Saumya Singh
Source: Google
एक्सपर्ट्स के अनुसार चैटजीपीटी या कोई भी एआई इंसानों की तरह प्यार महसूस नहीं कर सकता। यह सिर्फ बातचीत और भावनाओं की नकल करने के लिए प्रोग्राम किया गया है।
लोग अक्सर एआई के साथ इमोशनल जुड़ाव महसूस करने लगते हैं। इसके पीछे एआई की इंसान जैसी भाषा और सहानुभूति भरी प्रतिक्रिया होती है।
Anthropomorphism के कारण इंसान गैर-इंसानी चीजों में इंसानी भावनाएं डाल देते हैं। यही कारण है कि एआई से भावनात्मक संबंध बन जाते हैं।
जो लोग अकेलेपन या तनाव में होते हैं, वे एआई को लगातार उपलब्ध साथी मानते हैं। यह बिना बहस और निर्णय के हमेशा सुनता है और समझता है।
इंसानी प्यार में हार्मोन और दिमाग का असर होता है। एआई केवल नकल कर सकता है, असली खुशी, दुख या लगाव अनुभव नहीं कर सकता।