Gorakhpur: पूजा की कपूर बनी काल! पेट्रोल गैलन के पास माचिस फेंकने से भड़की आग, महिला की झुलसकर मौत

पूजा के दौरान, उन्होंने अगरबत्ती जलाई और उसके बाद जलती हुई माचिस की तीली लापरवाही में पास ही फेंक दी। जैसे ही माचिस पेट्रोल से भरे हिस्से पर गिरी, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

Khajni/Gorakhpur: धार्मिक आस्था के साथ की गई एक छोटी-सी लापरवाही ने ग्राम बेलडाड की एक महिला की जिंदगी छीन ली। महिला का नाम रानू है। खजनी क्षेत्र स्थित दुकान में पूजा के लिए अगरबत्ती जलाने के दौरान हुई इस भयावह घटना ने पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल बना दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार की दोपहर की है, जब रानू दुकान के अंदर पूजा की तैयारी कर रही थीं।

दुकान के भीतर एक गैलन में पेट्रोल रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि पेट्रोल संभवतः फर्श पर फैल गया था, जिसकी जानकारी रानू को नहीं थी। पूजा के दौरान, उन्होंने अगरबत्ती जलाई और उसके बाद जलती हुई माचिस की तीली लापरवाही में पास ही फेंक दी। जैसे ही माचिस पेट्रोल से भरे हिस्से पर गिरी, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरा कमरा धुएं और आग की लपटों में घिर गया।

आग पर काबू पाने की कोशिश की गई

बंद कमरे में मौजूद रानू को बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। उनकी चीखें सुनकर आसपास के लोगों ने भागकर दरवाजा खोला और किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक रानू गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत उन्हें गंभीर हालत में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, मगर उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। देर शाम इलाज के दौरान रानू ने दम तोड़ दिया।

पूरे क्षेत्र में छाया गहरा सदमा

इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन बदहवास हैं और ग्रामीणों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है कि दुकान में इतनी खतरनाक ज्वलनशील सामग्री होने के बावजूद सुरक्षा का कोई इंतजाम क्यों नहीं था। विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ है और थोड़ी-सी चिंगारी भी बड़ा हादसा करा सकती है। घर, दुकानों या किसी भी बंद स्थान में पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने पर विशेष सावधानी आवश्यक होती है।

पुलिस ने किया निरीक्षण

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दुकान में उचित वेंटिलेशन होता, आग बुझाने का साधन मौजूद होता या पेट्रोल को सुरक्षित स्थान पर रखा गया होता, तो यह त्रासदी शायद टल सकती थी। हादसे के बाद, पुलिस ने भी मौके का निरीक्षण कर परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई है।

रानू की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि धार्मिक कर्मकांड हो या दैनिक कार्य, ज्वलनशील वस्तुओं के आसपास जरा-सी लापरवाही भी किसी  के जीवन को बुझा सकती है। यह घटना सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खतरनाक अंजाम का दर्दनाक उदाहरण बनकर पूरे क्षेत्र को चेतावनी दे रही है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 29 November 2025, 7:45 PM IST