Fuel Purchase Limit: क्या पेट्रोल खरीद पर लग सकती है सीमा? जानें क्या कहते हैं नियम

भारत में पेट्रोल पंप संचालक आपात स्थिति में ईंधन की बिक्री पर अस्थायी सीमा लगा सकते हैं। घबराहट में खरीद और जमाखोरी रोकने के लिए बड़े लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जाता है। कुछ राज्यों में ₹5000 से अधिक पेट्रोल और ₹10000 से अधिक डीजल खरीद पर पहचान दर्ज करना अनिवार्य है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 May 2026, 10:54 AM IST
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1 / 6 \"Zoom\"भारत के कई राज्यों में तेल कंपनियों और प्रशासन ने पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई ग्राहक एक ही बार में बड़ी मात्रा में पेट्रोल या डीजल खरीदता है, तो उसका रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए। इसका उद्देश्य घबराहट में होने वाली खरीदारी और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है। (Img: Google)
2 / 6 \"Zoom\"कानूनी प्रावधानों के अनुसार पेट्रोल पंप संचालक और तेल कंपनियां आपातकालीन स्थिति में ईंधन की बिक्री पर अस्थायी सीमा (Rationing) लागू कर सकते हैं। यह कदम आमतौर पर तब उठाया जाता है जब आपूर्ति बाधित हो, मांग अचानक बढ़ जाए या लॉजिस्टिक समस्याएं सामने आएं। (Img: Google)
3 / 6 \"Zoom\"ऐसी स्थिति में प्रति वाहन या प्रति ग्राहक ईंधन की मात्रा सीमित की जा सकती है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से ईंधन उपलब्ध हो सके।
4 / 6 \"Zoom\"कुछ राज्यों में नए निर्देशों के अनुसार यदि कोई ग्राहक ₹5000 से अधिक का पेट्रोल या ₹10000 से अधिक का डीजल खरीदता है, तो पेट्रोल पंप संचालक को उसकी पहचान और ईंधन खरीदने का उद्देश्य दर्ज करना होगा। इसका मकसद पारदर्शिता बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। (Img: Google)
5 / 6 \"Zoom\"कई जगहों पर सुरक्षा और आग लगने के खतरे को देखते हुए प्लास्टिक बोतल, डिब्बों या खुले बर्तनों में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पेट्रोलियम उत्पादों की हैंडलिंग को लेकर सख्त नियम लागू हैं ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। (Img: Google)
6 / 6 \"Zoom\"पेट्रोलियम अधिनियम 1934 के तहत बिना उचित अनुमति या लाइसेंस के बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल का भंडारण प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में पेट्रोल पंप ईंधन की बिक्री पर कोई सीमा नहीं लगाते, लेकिन आपातकाल या असामान्य स्थिति में सरकार और तेल कंपनियां अस्थायी प्रतिबंध लागू कर सकती हैं। इसका उद्देश्य केवल ईंधन की आपूर्ति को संतुलित रखना और जमाखोरी को रोकना होता है। (Img: Google)

Location :  New Delhi

Published :  24 May 2026, 10:16 AM IST

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